सदर अस्पताल में जेनरेटर नहीं, 5 मिनट की जांच में लग रहा डेढ़ घंटा
कोरोनाकाल में मायागंज अस्पताल में 6 माह से बंद सीटी स्कैन से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें सदर अस्पताल में आउटसोर्स पर चल रहे सीटी स्कैन को निजी एंबुलेस से जाना पड़ रहा है। यहां भी बिजली संकट से घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
700 रुपए जांच पर व एंबुलेंस पर उन्हें 600-700 रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं। अस्पताल में बिजली की कटौती के दौरान मरीजों को इंतजार करने पर एंबुलेंस चालकों को 200-300 रुपए तक अतिरिक्त देना पड़ रहा है। लगातार हो रही कटौती के बाद भी जेनरेटर की व्यवस्था एजेंसी ने नहीं की है।
मायागंज के रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. एके मुरारका की माने तो जेनरेटर न होने पर मशीन क्रैश कर जाएगी। यूपीएस बैकअप भी 4-5 मिनट ही होता है। इसमें मरीज की रिपाेर्ट नहीं निकलेगी।
इधर, मायागंज में भर्ती मुंगेर के कुंदन साह को सीटी स्कैन की जरूरत थी। वे एंबुलेंस ड्राइवर माे. औरंजेब के साथ सदर अस्पताल पहुंचे। इसी बीच बिजली कट गई। मशीन बंद हो गई। बिजली आने के बाद आधे घंटे मशीन गर्म होने में लगे। महज पांच मिनट की जांच के लिए एक से डेढ़ घंटे लग गए।
आउटसाेर्स एजेंसी के तहत सीटी स्कैन जांच हो रही है। जेनरेटर एजेंसी को लगाना है। पहले भी कहा है। फिर से मशीन लगाने को कहेंगे।
-डाॅ. विजय कुमार सिंह, सिविल सर्जन
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