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किसान कैसे हों आत्मनिर्भर; दो वर्षों में योजना से नहीं जुड़े कृषि पैक्स बैंक

(मनीष भारद्वाज) जिले के किसानों की फसल वृद्धि और उनकी आमदनी दुगनी करने के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत सभी पैक्सों को 15 लाख राशि का अनुदान दिया जा रहा है। जिससे पैक्स अध्यक्ष किसानों के लिए कृषि उपकरणों की खरीद कर सकेंगे। वहां से किसान किराए पर उन कृषि उपकरणों को लेकर अपना कृषि कार्य कर सकेंगे।

जिससे किसानों की खेती आसान हो। लेकिन, आलम यह है कि योजना को लांच हुए दो वर्ष से भी ज्यादा का समय बीत गया। वित्तीय वर्ष 19-20 के लिए राज्य सरकार द्वारा पैक्सों को 20 लाख की राशि पचास फीसद अनुदान पर देने की योजना थी। लेकिन, एक भी पैक्स को स्वीकृति नहीं मिली। जिले में 142 पैक्स हैं।

कई पैक्स अध्यक्ष जो हार्वेस्टर मशीन खरीदने तक का प्रस्ताव जिला सहकारिता पदाधिकारी को दिए थे। वे बताते हैं कि पहले इस योजना के अन्तर्गत 20 लाख की बात हुई थी। अब पंद्रह लाख देने की बात हो रही है। इस राशि में हार्वेस्टर नहीं खरीद सकते। इतने में किसानों के लिए ट्रैक्टर और उसके साथ उपयोग में आने वाला कोई एक छोटा मशीन ही खरीद सकेंगे। ट्रैक्टर तो हर गांव में उपलब्ध है। ऐसे में उसे कोई किराए पर क्यों लेगा।

इसमें क्या है खास

  • 2018 में लांच हुई थी मुख्यमंत्री हरित कृषि यंत्र योजना
  • 142 पैक्स हैं जिले में स्थापित, किसी का नहीं हो सका योजना से संबंधन
  • 20 लाख से घटा कर 15 लाख कर दी अनुदान राशि
  • 64 पैक्सों को मिलनी है पहले चरण में स्वीकृति

योजना शुरू नहीं हुई, राशि घटा दी गयी : इस योजना के लिए पैक्सों को 20 लाख की राशि मिलने वाली थी। योजना शुरू नहीं हुई लेकिन, राशि कम कर दी गयी है। वित्तीय वर्ष 20-21 में सरकार के तरफ से जिला सहकारिता पदाधिकारी से लेकर सभी पैक्सो के अध्यक्षों के पास पत्र आया है कि दी जाने वाली अनुदान की राशि को 20 लाख से घटा कर 15 लाख कर दिया गया।

...का बरखा जब कृषि सुखाने, चरितार्थ
जिले में मानसून की मेहरबानी के कारण इस बार धान की फसल बंपर होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि साठ फीसदी से ज्यादा किसानों की फसल लगभग पक चुकी है। ऐसे में समय से अगर पैक्स को पैसा उपलब्ध हो जाता तो किसानों को रबी फसल की बुआई में काफी मदद मिल सकती है। लेकिन, यहां तो चुनाव का बहाना है। ऐसे में का बरखा जब कृषि सूखाने वाली कहावत चरितार्थ है।

ब्याज पर मिलेंगे 7.50 लाख रुपये
बताते चले इस योजना के अन्तर्गत 7.50 लाख की राशि बिहार सरकार द्वारा दी जानी है। जबकि 7.50 लाख की राशि को ब्याज पर दी जाएगी। जिसपर 10.30 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज लगेगा। ब्याज की राशि चुकाने के लिए पैक्स को पांच साल का समय दिया जाएगा। जिसके अन्तर्गत दस बार में उस राशि को चुकाने की बात कही गई है।
विस चुनाव बाद आएगी योजना में तेजी : अफसर
जिला कृषि सहकारिता पदाधिकारी बबन मिश्रा से पूछने पर कि जिले के कितने पैक्स को अभी इस योजना का लाभ मिल पाया है तो वो बताते है की पहले चरण में 64 पैक्स को इसके लिए नामित किया गया है जिसको जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद स्वीकृत किया जाएगा। चुनाव बाद योजना में तेजी से कार्य होगा।



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How farmers should be self-reliant; Agricultural PACS Bank not connected to the scheme in two years


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