35 वर्ष पूर्व बना अरक एपीएचसी खंडहर में तब्दील, एक एएनएम, न कर्मी ना ही डॉक्टर
चक्की प्रखंड के अरक पंचायत स्थित वार्ड आठ में उप स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार है। करीब दस हजार की आबादी को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के उद्देश्य से निर्मित इस उप स्वास्थ्य केंद्र के चारों ओर गंदगी का अंबार लगा है। केंद्र परिसर में बड़े-बड़े झाड़ उग आए हैं। परिसर में इतनी गंदगी व जंगल झाड़ियां हैं कि कोई भी अंदर प्रवेश नहीं कर सकता है।
प्रत्येक बुधवार को टीकाकरण का कार्य एएनएम द्वारा किया जाता है, लेकिन हमेशा केंद्र में नहीं। एएनएम अधिकांश समय फील्ड में ही बैठकर अस्पताल का संचालन करती हैं। उन्हें ही लोग डॉक्टर समझते हैं। दवा देने से लेकर पल्स पोलियो और अन्य टीकाकरण वह खुद संभालती हैं। अस्पताल में एक एएनएम के अलावा ना तो कोई कर्मचारी है और ना ही किसी डॉक्टर को यहां के ग्रामीणों ने कभी देखा है। टीकाकरण के अलावा इस केंद्र में किसी भी तरह की स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को मुहैया नहीं हो पाती हैं।
बुखार की दवा के लिए भी ग्रामीण चिकित्सक सहारा
वहीं ग्रामीणों में मुन्नी सिंह, प्रदीप सिंह, भोला सिंह, प्रदुमन सिंह, गोलू सिंह आदि बताते हैं कि प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र के पोषक क्षेत्र अन्तर्गत दर्जनभर से अधिक गांव आते है। प्रसूता महिलाओं को स्वास्थ्य सेवा के लिए दर दर की ठोकरें खानी पड़ती है। लोगों को सर्दी, जुकाम जैसी छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए पांच किमी दूर चक्की पीएचसी जाना पड़ता है। बुखार हो जाए तो किराना दुकान या झोलाछाप डाॅक्टर के भरोसे उपचार करना पड़ता है।
35 वर्ष पूर्व किया गया था निर्माण
ग्रामीणों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगभग 35 वर्ष पूर्व में लाखों रुपया की राशि से उपस्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कराया गया था। कई वर्ष बीत जाने के बाद भी लोगों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने से स्थानीय ग्रामीणों का स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के प्रति आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों से मिलकर स्वास्थ व्यवस्था को दुरुस्त कराने की माग की परन्तु कोई सुनवाई नही हुआ।
चार कमरों का है एपीएचसी
अरक पंचायत स्थित यह प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र चार कमरों से बना है। वर्तमान की स्थिति ऐसी है कि तीन कमरे खंडहर हो चुके हैं वही जिस कमरे में एनएम बैठती है वह कमरा कुछ बेहतर है। वही केंद्र के चारों तरफ जंगल झाड़ियां लगी है। जिससे कई जहरीले जानवर भी निकलते है। वही इस केंद्र में ना तो शौचालय है ना ही बिजली का व्यवस्था है न पीने के पानी भवन निर्माण के समय ही एक चापाकल एक लगा था जो उपस्वास्थ्य केंद्र की तरह ही बीमार पड़ा है।
कहते है मुखिया प्रतिनिधि
उप स्वास्थ्य केन्द्र अरक में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई बार वरीय अधिकारियों को पत्र लिखा गया है पर इस पर कोई कार्रवाई नहीं किया गया। जल्द ही डीएम व सिविल सर्जन से मिलकर स्थिति से अवगत कराया जाएगा। -राजू सिंह, स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि
कहते है चिकित्सा पदाधिकारी
अरक प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र में एक एएनएम कार्यरत है। वहीं भवन को लेकर उच्च अधिकारियों को आवेदन दिया गया है। अंजनी, चिकित्सा पदाधिकारी चक्की
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