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निजी अस्पताल और रिटेलराें की मनमानी, मरीजाें से ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए वसूल रहे 5 गुनी राशि

निजी अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीजों से ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए सरकार द्वारा निर्धारित से 5 गुनी व कहीं-कहीं उससे भी अधिक राशि वसूली जा रही है। इसकी शिकायत एक मरीज ने स्टेट ड्रग कंट्रोलर से की ताे जांच शुरू हुई। मुजफ्फरपुर के सहायक ड्रग कंट्रोलर ने जब जांच कराई ताे 3 बड़े अस्पतालों समेत 7 संस्थान चिह्नित किए गए जहां सरकार द्वारा निर्धारित राशि से 5 गुनी राशि वसूली का मामला सामने आया। इन संस्थानाें से शाे काॅज करते हुए सहायक ड्रग कंट्रोलर ने बुधवार को इसकी रिपाेर्ट स्टेट ड्रग कंट्रोलर को भेज दी। इन सब पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
बता दें कि जूरन छपरा स्थित एक बड़े अस्पताल में भर्ती मरीज ने स्टेट ड्रग कंट्रोल से शिकायत की थी कि उनसे ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए सरकार द्वारा निर्धारित राशि से काफी अधिक ली जा रही है। स्टेट ड्रग कंट्रोलर रविंद्र सिंह ने मुजफ्फरपुर के सहायक ड्रग कंट्रोलर शिवानी को जांच कराने का निर्देश दिया। उन्हाेंने जिले के सभी ड्रग इंस्पेक्टराें से जांच कराई ताे आराेप सही निकला।

जांच में अधिक राशि लेने की पुष्टि हुई है
ड्रग इंस्पेक्टर ने उन्हें जो रिपोर्ट सौंपी है, उसमें सरकार के निर्धारित मूल्य 17 रुपए 49 पैसे प्रति क्यूबिक मीटर के बदले अधिक रकम वसूले जाने की पुष्टि हुई है। सभी चिह्नित संचालकों से शो कॉज मांगा गया है। कुछ अस्पताल संचालकों का कहना है कि वे महंगे दाम पर सिलेंडर खरीदते हैं। अधिक पैसे लेना मजबूरी है। लिखित जवाब मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -शिवानी, सहायक ड्रग कंट्रोलर

पहले स्क्रीनिंग कराने के विवाद में सदर अस्पताल में भिड़े दो मरीजों के परिजन, आधा घंटा जांच बाधित

सदर अस्पताल के ओपीडी में इलाज कराने आए दो मरीज के परिजन स्क्रीनिंग पहले कराने की बात पर आपस में भिड़ गए। दाेनों मरीज के परिजनों के बीच पहले गाली-गलौज हुई। फिर हाथापाई करने लगे। सुरक्षा गार्ड ने दोनों को शांत कराया। इस दौरान आधे घंटे के लिए थर्मल स्क्रीनिंग को रोक दिया गया। दोनों मरीजों के परिजनों को शांत कर उनके मरीजों को लाइन से आने पर ही स्क्रीनिंग की गई।

सूचना मिलने पर पहुंचे अस्पताल प्रबंधक प्रवीण कुमार ने मरीजों को शांतिपूर्वक स्क्रीनिंग करा इलाज कराने की बात कही। जानकारी के अनुसार, ओपीडी के दौरान सदर अस्पताल के मेन गेट पर मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही थी।

इस बीच एक मरीज के परिजन ने इमरजेंसी बता कर पहले स्क्रीनिंग करने को कहा। इस बात पहले लाइन में लगे अन्य मरीज के परिजनों ने विरोध किया। जिसके बाद दोनों के बीच बकझक और गाली-गलौज होने लगी।



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Arbitrary of private hospitals and retail, 5 times the amount recovered from patients for oxygen cylinders


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