1967 के चुनाव में 49 लाख वोट रद्द हुए थे, इतने वोट तो सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को भी नहीं मिले थे
1962 से 2000 तक औसतन 8.17 प्रतिशत वोट रद्द हो जाते थे। 1962 और 1969 के चुनाव में तो क्रमश: 26.47 और 34.39 प्रतिशत वोट गिने ही नहीं गए। सन 77 को छोड़ दें तो 2000 तक हर विस चुनाव में 3 लाख से ज्यादा वोट गिने ही नहीं गए।

अजब : गैर कांग्रेसी तमाम पार्टियों को भी रद्द वोटों से कम वोट
जिस 1967 के चुनाव में सबसे ज्यादा 4914336 वोट रद्द हुए उसे चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को भी रद्द हुए वोटों से कम वोट मिले थे। इसके साथ ही कांग्रेस के अलावा जितनी भी पार्टियां मैदान में थीं वे सभी मिल कर भी रद्द वोटों से ज्यादा वोट नहीं हासिल कर पाईं।

ईवीएम के बाद : 2015 के चुनाव में सिर्फ 4468 वोट हुए रद्द
फरवरी 2005 में हुए चुनाव में पहली बार 100 प्रतिशत ईवीएम से मतदान हुआ। इसमें पहली बार महज 342 पोस्टल वोट रद्द हुए और ईवीएम से 3068 वोट प्राप्त नहीं हो पाए। नवंबर 2005 में सिर्फ 400 पोस्टल वोट रिजेक्ट हुए, ईवीएम में पड़े सारे मत वैध पाए गए।

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