अंचल कार्यालय से ही ऑनलाइन जारी होगा जमीन दखल कब्जा प्रमाण पत्र
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऑनलाइन भूमि दखल कब्जा प्रमाण पत्र (एलपीसी) सुविधा का ऑनलाइन शुभारंभ किया। इससे अंचल कार्यालय से अब ऑनलाइन एलपीसी निर्गत करने की कार्रवाई शुरू हो गई। राज्य सरकार ने भूधारियों की सुविधा को लेकर यह नई व्यवस्था शुरू की है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक सिंह ने कहा कि अंचल कार्यालय स्तर से ऑनलाइन एलपीसी निर्गत करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन थी।
राज्य में संचालित बैंकिंग सेक्टर के उच्च अधिकारियों के द्वारा भी एलपीसी प्रारूप निर्गत किए जाने की ओर लगातार ध्यान आकृष्ट कराया जाता रहा था। उस आलोक में अंचल कार्यालय स्तर से निर्गत किए जाने वाले एलपीसी की कार्रवाई में पारदर्शिता लाने के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि अब डिजिटाइज्ड जमाबंदी की प्रविष्टि के आधार पर ही एलपीसी निर्गत होगा। संयुक्त जमाबंदी की स्थिति में सभी जमाबंदी का नाम अंकित कर एक ही एलपीसी निर्गत होगा। रैयत के द्वारा समर्पित स्व घोषणा (लगान अद्यतन, जमीन सरकारी नहीं और विवाद रहित जमीन) के आधार पर एलपीसी निर्गत होगा। हलका कर्मचारी या अंचल निरीक्षक के प्रतिवेदन की आवश्यकता नहीं होगी। जमाबंदी की प्रविष्टि के आधार पर निर्गत होने के कारण शुद्धता बनी रहेगी।
फायदा क्या- मनमानी पर रोक, गड़बड़ियां दूर होंगी
अब तक एलपीसी लेने की व्यवस्था अनेक गड़बड़ियों की गवाही थी। ब्लॉक के कर्मचारियों की इच्छा पर तय होता था कि आवेदन पर कब और कैसे निबटारा करना है? दो पक्षों के बीच विवाद में एलपीसी की भूमिका अहम हो जाती है, ऐसे में आर्थिक रूप से मजबूत पक्ष अपने पक्ष में एलपीसी बनवा लेता था।
एलपीसी का आवेदन देने के बाद हलका कर्मचारी संबंधित जमीन पर जाकर किसके पक्ष में दखल कब्जा है, उसकी रिपोर्ट अंचल निरीक्षक को देता था। फिर सीआई की रिपोर्ट के बाद सीओ से आवेदक को एलपीसी मिलता था। इस प्रक्रिया में गड़बड़ी, लेन-देन और पक्षपात की शिकायत आम थी। नई व्यवस्था में अब निचले स्तर के कर्मियों की कोई भूमिका नहीं रह गई है। सीधे अंचलाधिकारी निर्णय करेंगे।
जल्द पूरा हो सर्वे, खत्म हाेगा भूमि विवाद: सीएम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जमीन का फ्रेस (नया) सर्वे हो रहा है। यह काम जितना जल्दी पूरा होगा, उतना ही जल्द जमीन विवाद खत्म होगा और बिहार एक आइडियल प्रदेश बन जायेगा। यह काम जल्द पूरा हाे। नीतीश, गुरुवार को बिहार विकास मिशन की शासी निकाय की 7वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में मिशन से जुड़ी तमाम संबंधित योजनाओं की समीक्षा हुई। उन्होंने कहा कि भूमि सुधार को लेकर व्यापक कार्य किये जा रहे हैं। राज्य में 60 प्रतिशत से ज्यादा झगड़ा का कारण जमीनी विवाद है। सीएम बोले-कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को कुशल बनाने का लक्ष्य तय किया गया, ताकि वे रोजगार मिल सके। अधिकाधिक लोगों के प्रशिक्षण पर जोर रहे।
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