एक सीट पर दो यात्री, मास्क नदारद, स्टैंड पर न तो पुलिस के जवान और न ही मजिस्ट्रेट
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी लॉकडाउन के बीच पांच माह से ठप पड़ी बस सेवा को जिले में बुधवार से बहाल किया गया। आवाजाही में लोगों को हो रही परेशानी के बीच राज्य सरकार के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन ने जरूरी ऐहतियाती नियमों के साथ बस परिचालन का आदेश जारी किया था। लेकिन बस सुविधा में न तो यात्री और ना हीं चालक-खलासी कोरोना से बचाव के लिए जारी निर्देशों का पालन करते दिखें। पांच माह तक बंदिशें झेलने के बाद ही लोगों के व्यवहार में बदलाव नहीं आया। सामाजिक दूरी व मास्क तथा सेनिटाइजेशन की अनिवार्यता के साथ बसों का परिचालन प्रारंभ करने का आदेश डीएम द्वारा जारी किए जाने के बाद बुधवार से यात्री बसों का परिचालन तो शुरू हुआ। परंतु इस दौरान संक्रमण से बचाव के प्रति यात्री व चालक के अलावा बस के खलासी पूरी तरह बेपरवाह नजर आए।
इसके अलावा बस स्टैंड पर ना तो पुलिस बल के जवान दिखे और ना ही दंडाधिकारी ही नजर आए। शहर के 01 नंबर ट्रैफिक स्थित बस स्टैंड से खुलने वाली बसों को स्टैंड पर ना तो सेनेटाइज्ड किया गया, ना ही बस पर सवार होने के दौरान यात्रियों को सेनिटाइज्ड कराया गया। यही नहीं बस के अंदर 02 सीट पर आपस में सट कर यात्री बैठे नजर आए। बस पर सवार कई यात्री के अलावा चालक व खलासी भी बिना मास्क के नजर आए। जबकि डीएम द्वारा जारी आदेश में चालक, खलासी व यात्रियों को मास्क अनिवार्य करते हुए हर यात्रियों को बस में चढ़ने के दौरान सेनिटाइज्ड करने और बस स्टैंड पर बस को सेनेटाइज्ड करने का निर्देश जारी किया गया था।
बुधवार को सरकारी बस स्टैंड से खुली 10 बसें
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रतिष्ठान अधीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार को मुंगेर से विभिन्न स्थानों केलिए कुल 10 बसें खुली। जिसमंे 04बस पटना, 04 बस तारापुर, 01 बस नवादा और 01 बस जमुई केलिए खुली। सभी बसों को डीपो में सेनिटाइज्ड करने के बाद ही स्टैंड भेजा गया था। इसके अलावा सभी बस के चालक व खलासी को मास्क के साथ सेनेटाइजर भी उपलब्ध करा दिया गया था। सभी खलासी को निर्देशित किया गया है कि यात्रियों को बस में चढ़ने के पूर्व सेनिटाइज्ड कराएं।
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