कोरोना से हुई पिता की मौत, जज बेटे ने शव लेने से किया इंकार, अंतिम संस्कार में भी नहीं हुए शामिल
कहते हैं पुत्र रत्न की प्राप्ति बगैर पितृऋण से मुक्ति नहीं मिलती है। पुत्र कुलतारण व वंशवृद्धि का कारक माना जाता है, लेकिन एक 80 वर्षीय पिता को अंतिम दिनों में अपने ही पुत्र का साथ नहीं मिल सका। यह...from Live Hindustan Rss feed https://ift.tt/3twWwab
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