जान बचाने के लिए शहाबुद्दीन को बुर्का पहनकर भागना पड़ा था, जेल में लगाता था जनता दरबार
चाहे अपराध की दुनिया हो या राजनीतिक दमखम, दोनों ही जगहों पर मो. शहाबुद्दीन के आगे अच्छे-अच्छे पानी भरते नजर आते हैं। सीवान ही नहीं, पूरे बिहार में इस शख्स की कभी तूती बोलती थी। जेल में जनता दरबार...from Live Hindustan Rss feed https://ift.tt/3vyJn1r
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