पटना-बक्सर हाईवे के किनारे की घोषित व्यावसायिक जमीन बनी आवासीय, मुआवजा हो गया आधे से भी कम
पटना-बक्सर हाईवे (एनएच-30) के किनारे 2012 में घोषित व्यावसायिक जमीन 2020 में आवासीय हाे गई है। इस कारण अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा आधे से भी कम हो गया है। बिहटा स्थित श्रीरामपुर और महादेवपुर फुलाड़ी माैजा के मुख्य सड़क पर व्यावसायिक जमीन की सर्किल रेट 4.05 लाख रुपए और सहायक सड़क पर जमीन की सर्किल रेट 3.60 लाख रुपए प्रति डिसमिल है।
जबकि, आवासीय जमीन का मुख्य सड़क पर सर्किल दर 2.16 लाख रुपए और सहायक सड़क पर सर्किल रेट 1.76 लाख रुपए प्रति डिसमिल है। इससे किसानों को मुख्य एवं सहायक सड़क पर मुआवजे में लाखाें रुपए नुकसान हाेगा। जिला प्रशासन के अपर समहर्ता के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय कमेटी ने 11 फरवरी, 2012 को इस जमीन को व्यावसायिक श्रेणी में रखने की अनुशंसा की थी।
अधिसूचना प्रकाशित होते ही लोगों ने शुरू किया विरोध
सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए जमीन अधिग्रहण के प्रकाशित अधिसूचना को देखने के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। 80 वर्षीय गोपाल प्रसाद केशरी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को लिखे पत्र में पूछा है कि क्या 8 साल बाद बिहार विकास के दौर में पीछे चला गया है? यह किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने 2012 की रिपोर्ट के आधार पर तत्काल व्यावसायिक करने की मांग की है।
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