मॉक ड्रिल में दंगा नियंत्रक दल ने चुनाव के दौरान भीड़ नियंत्रण के तरीके सीखे
विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस लाइन में शुक्रवार को जिला दंगा नियंत्रक दल के जवानों ने मॉक ड्रिल किया। चुनाव के दौरान अगर कहीं भीड़ उन्मादी हो जाए तो कैसे उसे नियंत्रित करना है, इस बारे में सिटी एसपी सुशांत कुमार सरोज ने जवानों को गुर बताए। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कब लाठी चार्ज करना है, उससे पहले भीड़ को अवैध घोषित करने की क्या प्रक्रिया है, पिलेट गन, वाटर कैनन और अश्रु गैस का कब प्रयोग करना है, इस बारे में बताया गया।
सिटी एसपी ने पुलिसकर्मियों को बताया कि कैसे भीड़ नाजायज मजमा और विधि-विरुद्ध होता है और इसे कंट्रोल करने के लिए निर्धारित चार चरणों में पुलिस को क्या करना है। किसी भी उन्मादी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सीधे पुलिसकर्मियों को लाठी चार्ज या फायरिंग नहीं करना है। वहां तैनात मजिस्ट्रेट पहले माइकिंग कर भीड़ को पीछे हटने की चेतावनी देंगे। कई बार अश्रु गैस का भी भीड़ डटकर सामने कर लेती है तो मजिस्ट्रेट की चेतावनी और आदेश के बाद लाठीचार्ज करना है।
लाठीचार्ज के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि लाठी का प्रहार पैरों में हो। आखिरकार मजिस्ट्रेट के निर्देश पर पुलिस भीड़ पर फायरिंग करेगी। लेकिन फायरिंग में भी इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि गोली लोगों के पैर में लगे। मॉक ड्रिल में सिटी एएसपी पूरन झा, सार्जेट मेजर केके शर्मा भी मौजूद थे।
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