पोस्ट ऑफिस में पांच फीट जमा है मोहल्ले की नाली का पानी, दुकानों पर भी लगे ताले
जलजमाव ने शहर की सूरत ही बदल कर रख दी है। शहर के दोनों तरफ से नदी से घिरे रहने के बावजूद नाले से जलनिकासी की व्यवस्था नहीं रहने से स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। हल्की सी बारिश में भी शहर के सारे नाले जाम हो जाते हैं। शहर के वार्ड 35 में लाखों रुपए की लागत से नया नाला बनाया गया है। लेकिन, जलजमाव की समस्या अब भी बनी हुई है। जलजमाव से निजात के लिए मुहल्लेवासी, दुकानदार कराह रहे हैं।
जो नगर परिषद के तमाम दावों को जलजमाव मुंह चिढ़ा रहा है। कई गलियों की स्थिति नारकीय हो चुकी है। बारिश के पानी के बीच से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलजमाव के कारण सड़क पर पैदल चलना दूभर साबित हो रहा है। नाली निर्माण पर लाखों खर्च के बावजूद सड़क किनारे नाली तलाश करना मुश्किल साबित हो रहा है। गंदा पानी नाले से निकल सड़कों पर बह रहा है।
सफाई नहीं होने से शहर में चारों ओर नारकीय स्थिति
बारिश से शहर में चारों ओर नारकीय स्थिति हो चुकी है। मुख्य सड़क से लेकर गलियों की स्थिति बहुत ही खराब है। कूड़ा उठाव नहीं होने के कारण बारिश में पूरा कूड़ा सड़क पर फैल जाता है। कई जगह नाला उड़ाही का मलबा सड़क पर रखा था, जो कुछ सड़क पर पसर गया और नाले में वापस चला गया। वहां पैदल चलना भी दूभर हो चुका है। शहर की कुछ मुख्य सड़क व निचले हिस्से वाले वार्ड में जल जमाव की स्थिति हो गयी है।
स्टाइलप मॉल से लेकर पोस्ट ऑफिस तक दशा खराब
शहर के मेन रोड से लेकर गली तक जगह-जगह पानी का जमाव है। लोग परेशानी से जूझ रहे हैं। नालियों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, लेकिन नगर परिषद के कानों में इस बात की जूं तक नहीं रेंग रही है। वर्मा ट्रांसपॉर्ट से लेकर पोस्टऑफिस तक जलजमाव के कारण दयनीय स्थिति हो गई है। पोस्टऑफिस के अंदर 4 से 5 फीट पानी जमा है। इससे कर्मी बगल के ही दुकान में काम करने के लिए मजबूर हैं।
पोस्ट ऑफिस के बड़े बाबू ने बताया कि वरीय अधिकारी को पिछले महीने ही बताया गया था लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी रास्ते से जिला प्रशासन व नगर परिषद के आला अधिकारी आते-जाते हैं। लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं जाता है। जलजमाव से प्रभावित होकर लगभग पांच दुकानें बंद भी हो गई हैं। जो दुकानें चल रही हैं वहां भी ग्राहक नहीं आते। मॉल से लेकर बबुनिया मोड़ तक नाली निर्माण रुका हुआ है।
वार्ड 34 में वार्ड पार्षद ने ही नहीं होने दी सफाई
शहर के वार्ड संख्या 34 के वार्ड पार्षद शम्भू सिंह ने साफ-सफाई कर रहे नगर परिषद के कर्मी को काम नहीं करने के लिए बता कर वार्ड से बाहर कर दिया है। इसके बाद स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता विकाश कुमार ने नगर परिषद से शिकायत की और बताया कि 8 अगस्त को हमलोगों ने एसडीओ ऑफिस में जलजमाव से मुक्ति के लिए आवेदन दिए थे। इसके बाद एसडीओ ने कार्रवाई की बात कह कर टाल दिया था।
एक महीने से ज्यादा समय होने के बाद भी कोई देखने या सुनने नहीं गया। वार्ड पार्षद भी काम करवाना नहीं चाहता है। जलजमाव के कारण बहुत से लोग घर छोड़ कर जा चुके हैं। मुहल्ले में किसी की तबियत खराब होती है तो जल जमाव के कारण एम्बुलेंस भी नही आ पाती है। बहुत से घरो में राशन खत्म था, जिसको हमलोगों ने राशन मुहैया कराया।
दूसरे सफाईकर्मी को भेजने की हुई है बात
वार्ड 34 के पार्षद शंभु सिंह का कहना है कि जो कर्मी नगर परिषद की ओर से भेजे गए वे ठीक से काम नहीं करते। उन्होंने दूसरे कर्मी को वार्ड में भेजने के लिए अधिकारियों से बात की है।
गड्ढे से भी परेशानी: सबसे दुखद स्थिति वर्मा टांसपोर्ट की है। सड़क के किनारे बड़ा गड्ढा हो गया है। इससे पैदल गुजरने वालों को भीं समस्या होती है। ऐसे में इस बारिश ने नगर परिषद के सफाई के दावों की पोल खोल दी है।
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