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भगवतीपुर व कुसरे के बीच पुनपुन नदी पर बना पुल पहुंच पथ के बिना बेकार

सोनभद्र वंशी सूर्यपुर प्रखण्ड क्षेत्र के भगवतीपुर एवं कुसरे गांव के बीच वर्षो पूर्व पुनपुन नदी पर पुल बन जाने के बावजूद भी अभी तक आवागमन शुरू नहीं हुआ है। इसका कारण है कि दोनों तरफ आब तक पहुंच पथ नहीं बन पाया है। जिसके कारण पुल का उपयोग नहीं हो पा रहा है। पिछले कई वर्षों से संपर्क पथ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन अभी तक उसमें सफलता नहीं मिली है। ग्रामीणों के लिए पुल शोभा की वस्तु बन कर रह गया है।

पुल बनने के बाद बच्चे आकर खेलते हैं। इस पुल का निर्माण तत्कालीन सांसद जगदीश शर्मा के अनुशंसा पर किया गया था। ग्रामीणों को आस जगी थी कि इस पुल के निर्माण के बाद आने जाने में काफी सहूलियत होगी। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। करोड़ों रुपए लगने के बाद यह पुल मनोरंजन के काम में आ रहा है। इस पुल पर बच्चे एवं युवा सेल्फी भी लेते है।

वर्तमान में दोनों किनारों से पुल की ऊंचाई लगभग 15 फिट है। गांव की तरफ तो लोग आसानी से पुल पर चढ़ जाते हैं। किंतु दूसरी तरफ चढ़ना ओर उतरना किसी पर्वतारोहण से कम नही है। पुल पर पैदल चढ़ना भी काफी मुश्किल काम है। ग्रामीणों ने इस बाबत कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई।
धरनई, अनुयां, शेरपुर, वंशी, बलौरा गांव में पुनपुन नदी पर पुल का निर्माण किया गया है, लेकिन नहीं बना पहुंच पथ
इसके अलावा भी सोनभद्र वंशी सूर्यपुर प्रखंड में पुनपुन नदी पर कई पुलों का निर्माण कराया गया है। लेकिन कमोवेश सभी पुलों की स्थिति इसी प्रकार है। सभी पुलों पर संपर्क पथ का निर्माण नहीं किया गया है। हालांकि कई पुलों पर आवागमन किसी तरह चल रहा है। लेकिन भगवतीपुर पुल पर आवागमन आज तक नहीं शुरू हो पाया है। धरनई, अनुयां, शेरपुर, वंशी, बलौरा गांव में पुनपुन नदी पर पुल का निर्माण किया गया है।

लेकिन इन सभी पुलों पर संपर्क पर नहीं बन पाया है।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि संपर्क पथ नहीं बनने का कारण भूमि उपलब्ध नही होना है। जिसके कारण पहुंच पथ नहीं बन पाया है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया पुल बनने के पहले ही इस बात की तस्दीक कर लेनी चाहिए थी,कि जमीन उपलब्ध है या नहीं। तभी पुल का निर्माण किया जाना चाहिए था।

करपी वंशी प्रखंड में जितने भी पुल बने हैं। वह राजग सरकार की देन है। इसके लिए स्थानीय विधायक सत्यदेव सिंह हमेशा कहा करते थे कि हमने अपने विधानसभा क्षेत्र में पुल का जाल बिछा दिया। इसलिए लोग हमें पुलिया बाबा कहते हैं। लेकिन पुल के साथ पहुंच पथ नहीं बना। इसके लिए लोग चुनाव क्षेत्र में पुलिया बाबा से पुल के औचित्य पर इस बार सवाल पूछने के मूड में है वहीं स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है।

बिना पहुंच पथ बनाए पुल का निर्माण कर गांव के साथ किया गया है मजाक

इधर विधानसभा चुनाव के बिगुल बजते ही ग्रामीणों के द्वारा एक बार फिर पुल का मुद्दा उठने लगा है। इस बार मुद्दा गांव के बुजुर्गों के तरफ से अलग होकर युवाओं के बीच पहुंच चुका है। राजपा नेता श्रीकांत शर्मा ने नीतीश कुमार एवं स्थानीय विधायक सत्यदेव कुशवाहा पर जमकर भड़ास निकालते हुए कहा है कि भगवतीपुर जैसे बड़े आबादी वाले गांव में बिना संपर्क पथ के पुल खड़ा कर जनता के साथ घोर मजाक किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान विधायक अपने भाषणों में अन्य पुलों की तरह भगवतीपुर पुल का भी जिक्र करते हैं। जो सर्वथा हास्यास्पद लगता है।

यह पुल करपी कुर्था भाया धरनई पथ के कुसरे गांव से भगवतीपुर को जोड़ने के लिए बनाया गया है। वही निर्माण के बाद पुल पर चढ़ने के लिए पुल के किनारों पर भी मिट्टी की व्यवस्था नहीं की गई है। कुसरे के तरफ से पुल पर चढ़ना बहुत ही मुश्किल काम है। पुल पर आज तक किसी तरह का वाहन का परिचालन नहीं हो पाया है। मोटरसाइकिल सवार भी इस पुल के पास नहीं कर पाते हैं।



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The bridge over the Punpun river between Bhagwatipur and Kusra is useless without access path


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