22 के बाद ही स्कूल जा सकेंगे छात्र, ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी, ट्रांसपोर्टेशन परिजनों के जिम्मे; स्कूल बोले- हम तैयार, अभिभावक बोले- हम नहीं
पटना। कोराना के कारण मार्च से बंद चले रहे स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक छात्र डाउट क्लीयर करने और प्रैक्टिकल क्लासेस के लिए जा सकेंगे। लेकिन, बिहार में सोमवार से स्कूल नहीं खुल रहे हैं। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि 22 सितंबर को स्कूल संचालन के मामले पर महत्वपूर्ण बैठक है। उसमें स्कूलों पर निर्णय लिया जाएगा। पटना डीएम कुमार रवि ने कहा कि शिक्षा विभाग की गाइडलाइन के बाद ही स्कूलों में गतिविधि की अनुमति दी जाएगी।
दैनिक भास्कर ने शहर के टॉप स्कूल के प्रबंधन से बातचीत कर जाना कि उनकी क्या तैयारी है? अधिकतर ने कहा कि वे स्कूल खोलने के लिए तैयार हैं, पर अधिकतर अभिभावक मना कर रहे हैं। ऑनलाइन क्लास जारी रहेंगे। स्कूल बस की सुविधा नहीं देंगे, खेल पीरियड नहीं होगा। कैंटीन बंद रहेगी। जिन स्कूलों में सीबीएसई कंपार्टमेंटल परीक्षा के सेंटर हैं, उनके बच्चे 29 सितंबर के बाद ही बुलाए जाएंगे।
जानिए पटना के बड़े स्कूलों की क्या तैयारी, कब से खुलेंगे
- संत माइकल हाई स्कूल : कंपार्टमेंटल परीक्षा का सेंटर है। अगले महीने से ही विद्यार्थी स्कूल आ पाएंगे।
- संत जेवियर्स हाई स्कूल : इवनिंग क्लासेज की भी शुरूआत होगी।
- माउंट कार्मेल हाई स्कूल: हम एक दिन में एक सेक्शन के आधे से भी कम बच्चों को बुलाएंगे।
- संत जोसेफ कॉन्वेंट हाई स्कूल और लोयला हाई स्कूल- राज्य के गाइडलाइन के बाद हम बच्चों को सूचना देंगे।
- डीएवी बीएसईबी- शिक्षक और विद्यार्थियों को ग्रुप में बांटकर स्कूल बुलाया जाएगा।
- डॉन बॉस्को एकेडमी- बच्चे मेल पर डाउट भेजेंगे। उसके बाद उन्हें स्कूल आने की तिथि बताई जाएगी।
- संत कैरेंस हाई स्कूल : अलग-अलग क्लास और रॉल नंबर के अनुसार बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा।
- बिशप स्कॉट ग्रुप ऑफ स्कूल : बच्चों को सेक्शनवाइज बुलाया जाएगा।
- बॉल्डविन एकेडमी- कंपार्टमेंटल की परीक्षा के बाद ही बच्चों को बुलाएंगे।
स्कूलों ने पूछा तब भी अभिभावक राजी नहीं
बॉल्डविन एकेडमी के प्राचार्य राजीव रंजन ने बताया 9 से 12वीं तक के बच्चों के रेस्पांस मांगे थे। 11वीं-12वीं के 400 में सिर्फ 8 के अभिभावकों ने स्कूल भेजने की बात कही। 9वीं-10वीं के 400 में 53 ने सहमति दी। संत जेवियर्स हाई स्कूल के प्राचार्य फादर क्रिस्टू ने बताया कि 9वीं-10वीं के 297 बच्चों में 151 ने हां कहा है। डॉन बॉस्को एकेडमी के उप प्राचार्य एरिक जॉन डी रोजैरियो ने बताया कि अधिकतर अभिभावक स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं है।
दैनिक भास्कर टीम ने 200 से अधिक अभिभावकों से बात की। 157 लोगों ने कहा कि जब तक कोरोना का खतरा कम नहीं होता वह अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। फिर चाहे सरकार कहे या स्कूल। बाकी ने भी ऑनलाइन क्लास को ही बेहतर बताया।
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